यह ज़िंदगी एक सफ़र है, जो हमें मोड़ों से भरी है। कभी-कभी हमारी यह यात्रा धुंध से ढक जाती है, और हमें ग़म की बौछार में उलझा रखती है।
यह धुंध कभी-कभी तो तेज गति से चलती है, और कुछ समयों पर यह तेज हो जाती है। यह हमें अपनी मूर्ति को भूलने का
आग्रह करती है।